सिंगल फेज और थ्री फेज में क्या अंतर होता है

सिंगल फेज और थ्री फेज में क्या अंतर होता है

Single phase and three phase in hindi ? सिंगल फेज और 3 फेज की सप्लाई में काफी अंतर है. हमारे घरों में आने वाली सप्लाई सिंगल फेज की होती है क्योंकि हमारे घर में इतने बड़े उपकरण नहीं होते कि जिन्हें थ्री फेस की सप्लाई की जरूरत पड़े. थ्री फेज की सप्लाई की जरूरत बड़े बड़े उद्योगों में पढ़ती है जहां पर बड़ी-बड़ी मोटरें और ऐसे उपकरण चलाएं जाते हैं जिन्हें चलने के लिए बहुत ज्यादा पावर की जरूरत होती है . हमारे घर में सामान्य पानी के पंप में जो मोटर लगी होती है वह 0.5 hp या 1 HP तक की होती है जो कि सिंगल फेज में आसानी से चल सकती है. लेकिन अगर हमें कहीं पर 5 HP की मोटर चलानी है तो इसके लिए हमें तीन फेज की सप्लाई की जरूरत पड़ेगी. क्योंकि हम सब जानते हैं मोटर जब स्टार्ट होती है तो उसे बहुत ज्यादा पावर की जरुरत होती है. इसीलिए ज्यादा बड़ी मोटर के लिए 3 फेज की सप्लाई की जरूरत पड़ती है .

थ्री फेज की सप्लाई में तीन तारे होती है जिनमें सप्लाई भी अलग-अलग होती है. हम सिंगल फेस को सीधे थ्री फेज में नहीं बदल सकते. थ्री फेज की सप्लाई बनाने के लिए इलेक्ट्रिक जनरेटर में ही अलग Coil लगाई जाती है जिससे एक समय पर तीनों फेज बनाए जा सके.जैसा कि हम सब जानते हैं जब Coil मैग्नेटिक फील्ड में घूमती है तो वह बिजली बनाती है. तो इसीलिए इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर में तीन अलग-अलग Coil एक दूसरे से 120º डिग्री के कोण पर लगाई जाती है ताकि वह जब फेस को बनाएं तो उनकी फ्रीक्वेंसी में भी 120º डिग्री का अंतर आए.

सिंगल फेज की सप्लाई

सिंगल फेज की सप्लाई में 90⁰ और 270⁰ पर voltage में peaks आता है.नीचे आपको इसका डायग्राम दिया गया है जिससे आप समझ जाएंगे की single phase ac supply में वोल्टेज कहां पर peaks पर होती है.

जैसा कि हम सब जानते हैं सिंगल फेज के इलेक्ट्रिसिटी जनरेटर में एक Coil होती है जिस से सिर्फ एक फेज बनाया जा सकता है.लेकिन जनरेटर में जब Coil घूमती है है तो Coil के दोनों टर्मिनल पर AC सप्लाई Generate होती है .लेकिन बहुत से लोगों को यह AC सप्लाई Sine Wave में क्यों होती. इसके लिए नीचे आपको एक एनिमेशन फोटो दी गई है जिसे देखकर आप समझ जाएंगे कि जब Coil मैग्नेटिक फील्ड में घूमती है तो कैसे साइन वेव बनाती है.

AC सप्लाई की तारों में DC सप्लाई की तरह एक Fix सप्लाई नहीं होती जैसे कि अगर ऐसी सप्लाई में एक टर्मिनल Positive है तो दूसरा टर्मिनल Negitive होगा. लेकिन ऐसी सप्लाई में हमें दोनों टर्मिनल पर पॉजिटिव और नेगेटिव सप्लाई मिलती है जिसे हम रेक्टिफायर की मदद से डीसी में बदल सकते हैं. तो ऊपर आप देख सकते हैं कि जब Coil का a टर्मिनल मैग्नेट के N Pole की तरफ होता है तब उसमें नेगेटिव सप्लाई आती है और जब वह S Pole की तरफ होता है तो उसमें पॉजिटिव सप्लाई आती है इसी प्रकार AC सप्लाई की तार में हमें पॉजिटिव और नेगेटिव सप्लाई देखने को मिलती है.

Three फेज की सप्लाई

तीन फेस की सप्लाई में इलेक्ट्रिक जनरेटर के अंदर तीन कोयल लगाई जाती है. और यह Coil एक दूसरे से 120 डिग्री के कोण पर लगाई जाती है ताकि जब 1 फेस PEAK हो तो दूसरा PEAK पर ना हो. इसे आप ज्यादा अच्छे से नीचे दिए गए फोटो को देखकर समझ सकते हैं.

जब Coil एक दूसरे से 120 डिग्री के कोण पर सेट की जाती है तो उससे बनने वाली AC सप्लाई की फ्रीक्वेंसी में भी 120 डिग्री का अंतर देखने को मिलेगा. इसे आप ऊपर दिए गए फोटो में देखकर समझ सकते हैं.जब पहला पेज Peak वोल्टेज पर होगा तो वह 120 डिग्री पर होगा. और ठीक पहले फेज के बाद में दूसरा फेस जब Peak वोल्टेज पर होगा तो वह पहले पेज से 120 डिग्री के बाद होगा. और ऐसे ही तीसरा फेस 120 डिग्री पर Peak वोल्टेज पर होगा.

हमें कौन सी सप्लाई उपयोग करनी चाहिए

हमारे घर में आने वाली सप्लाई सिंगल फेज होती है लेकिन हमारे शहर में यह हमारे गांव में आने वाली सप्लाई थ्री फेज की होती है. फिर उन तीनों फेस को अलग अलग गलियों या सड़कों के आधार पर बांट दिया जाता है. ताकि किसी भी एक चीज के ऊपर ज्यादा लोड ना आए. हमारे घर में ऐसे उपकरण नहीं होते जिंहें थ्री फेज की सप्लाई की जरूरत हो लेकिन अगर आपके घर में लोड एक समय पर काफी ज्यादा हो जाता है और आप का सिंगल फेस पर काम नहीं चलता तो आप थ्री फेज का कनेक्शन ले सकते हैं लेकिन इससे पहले आपको कुछ बातें जान लेनी चाहिए.

  • 3 फेज का कनेक्शन सिंगल फेज के कनेक्शन से 2 से 3 गुना महंगा होता है
  • थ्री फेज के कनेक्शन का बिल भी सिंगल फेज के कनेक्शन से कहीं ज्यादा आता है.
  • थ्री फेज के उपकरण भी महंगे होते हैं.

अगर आपके घर में ज्यादा लोड नहीं है तो आप के लिए सिंगल फेज का कनेक्शन काफी होगा. इस पोस्ट में आपको  three phase supply in hindi what is 3 phase in hindi three phase ac circuits in hindi 3 phase ac supply three phase load calculation hindi  polyphase circuits in hindi के बारे में पूरी जानकारी दी गई है अगर इसके अलावा आप का कोई भी सवाल हो तो नीचे कमेंट करके पूछो .

22 Comments

  • लाइन वोल्टेज और फेज वोल्टेज में क्या अंतर है
    स्टार और डेल्टा में लाइन और फेज वोल्टेज की करेंट और वोल्टेज में अंतर क्यों होता है
    इंडक्शन मोटर को स्टार्ट करने के लिए प्रारम्भ में स्टार कनेक्शन और तब डेल्टा क्यों करते है

    • 3 फेज सप्लाई में किसी 2 फेज के बीच के पोटिंटियल डिफ्रेंस को लाइन वोल्टेज कहते है .
      फेज और न्यूट्रल क बिच के पोटिंटियल डिफ्रेंस को फेज वोल्टेज कहते है.
      स्टार डेल्टा स्टार्टर हाई कैपेसिटी मोटर में इस्तेमाल होता है.
      स्टार में मोटर को स्टार्टिंग में घुमाया जाता है ताकि मोटर कम करंट ले.

  • लाइन वोल्टेज और फेज वोल्टेज में क्या अंतर है
    स्टार और डेल्टा में लाइन और फेज वोल्टेज की करेंट और वोल्टेज में अंतर क्यों होता है
    इंडक्शन मोटर को स्टार्ट करने के लिए प्रारम्भ में स्टार कनेक्शन और तब डेल्टा क्यों करते है

    • 3 फेज सप्लाई में किसी 2 फेज के बीच के पोटिंटियल डिफ्रेंस को लाइन वोल्टेज कहते है .
      फेज और न्यूट्रल क बिच के पोटिंटियल डिफ्रेंस को फेज वोल्टेज कहते है.
      स्टार डेल्टा स्टार्टर हाई कैपेसिटी मोटर में इस्तेमाल होता है.
      स्टार में मोटर को स्टार्टिंग में घुमाया जाता है ताकि मोटर कम करंट ले.

  • सर जी थ्री फेज में अगर कन्कशन करना हो तो वायर कोनसा वह कितने एम एम का युज करे

    थ्री फेज मोटर कितने प्रकार हो ती है इसमें कनेकशन करते समय क्या सावधानी रखे ।

  • सर जी थ्री फेज में अगर कन्कशन करना हो तो वायर कोनसा वह कितने एम एम का युज करे

    थ्री फेज मोटर कितने प्रकार हो ती है इसमें कनेकशन करते समय क्या सावधानी रखे ।

  • Dear sir electronic ke sambandit note pdf me lim jayega kya Hindi me please provide me thanks.

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  • 11000 केवी को सिंगल फेस में कन्वर्ट कैसे करे

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