UPS और Inverter में क्या अंतर है

UPS और Inverter में क्या अंतर है

इन्वर्टर और UPS का इस्तेमाल बैकअप power supplies के रूप में किया जाता है.आज हम बिजली के उपकरणों पर पूरी तरह से निर्भर हैं जैसे की लाइट फ्रिज पंखे इत्यादि इनके बिना शायद हम 1 दिन भी नहीं रहते हर रोज किसी न किसी प्रकार के इलेक्ट्रिक उपकरण का इस्तेमाल हम करते हैं. इन सभी उपकरणों को चलाने के लिए हमें बिजली की आवश्यकता होती है और यह बिजली हम पावर प्लांट से लेते हैं लेकिन पावर प्लांट से आने वाली बिजली हमें हर समय नहीं मिलती इसलिए हम जब पावर प्लांट की बिजली नहीं होती तब हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए हम इनवर्टर या UPS का इस्तेमाल करते हैं.

इनवर्टर का इस्तेमाल हम हमारे घर के हम सभी उपकरणों पर करते हैं जो कि AC सप्लाई से चलते हैं. लेकिन UPS का इस्तेमाल हम सिर्फ ऐसे उपकरण पर करते हैं जिन में किसी प्रकार का सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता हो और जिसमें हमें अपने DATA का खराब होने का खतरा हो जैसे कि कंप्यूटर ,प्रिंटर ,स्कैनर इत्यादि. तो इस पोस्ट में हम आपको What is UPS (Uninterruptible Power Supply)  in  hindi ,Inverter  kya hai ,UPS or inverter ke Bich me Kya antar hai के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं .

UPS Kya Hai

UPS का पूरा नाम uninterruptible power supply है और इसका meaning in hindi “अबाधित विद्युत आपूर्ति” है.ऐसी सप्लाई जिसमें किसी भी प्रकार की कोई भी रुकावट नहीं हो.यूपीएस का इस्तेमाल करने के और भी कई कारण हैं जैसे कि अगर आपके घर में कम या ज्यादा वोल्टेज की सप्लाई आती है तो उसे कंट्रोल करने के लिए भी हम यूपीएस का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे कि हमारे उपकरण पर कोई भी गलत प्रभाव नहीं पड़ेगा.
Inverter Kya Hai

इनवर्टर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कि AC वोल्टेज को DC मे कनवर्ट करता है और इससे बैटरी को चार्ज करता है और फिर DC को AC मे कनवर्ट करता है जिससे कि हम अपने घर के उपकरण चला सकते हैं. यूपीएस में भी यही काम होता है. लेकिन इनके पावर सप्लाई देने का तरीका थोड़ा सा अलग होता है .

UPS VS Inverter

आप को सामान्यत हैं घरों में इनवर्टर देखने को मिलता है लेकिन यूपीएस आपको सिर्फ कंप्यूटर लाइव या फिर किसी पर्सनल कंप्यूटर पर ही देखने को मिलेगा इसलिए इन दोनों को अलग अलग जगह पर इस्तेमाल करने के कई कारण हैं जैसे कीBack up ,Time Lag, Connection और कीमत इत्यादि नीचे आपको यह सभी को एक अलग अलग बताए गए हैं .

Back up :

इसका इस्तेमाल कंप्यूटर को कुछ समय तक चलाए रखने के लिए किया जाता है ताकि हम अपने डेटा को सेव कर सकें और अपने कंप्यूटर को बंद कर सके इसलिए यूपीएस का बैकअप 10 से 15 मिनट या उससे थोड़ा बहुत ज्यादा होता है.
लेकिन इनवर्टर का इस्तेमाल हम यूपीएस के रूप में नहीं कर सकते इसीलिए इस पर हम बड़े उपकरण ज्यादा लंबे समय तक भी चला सकते हैं और यूपीएस के मुकाबले इनवर्टर पर ज्यादा बड़ी बैटरी का इस्तेमाल होता है जिससे कि हमें यूपीएस के मुकाबले कई गुना ज्यादा बैकअप मिल जाता है.

 Power Supply:

यूपीएस में पहले AC को DC में बदला जाता है जिससे कि बैटरी को चार्ज किया जा सके और फिर बैटरी से ही DC को AC में बदला जाता है जिससे कि हम अपने उपकरण को चला सके तो इस प्रकार यूपीएस में हर समय बैटरी से ही पावर ली जाती है इसीलिए जब कोई भी पावर कट होता है या वोल्टेज कम या ज्यादा होती है तो इसकी आउटपुट पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ता.

इनवर्टर में यूपीएस की तरह है AC सप्लाई को DC मैं बदला जाता है और इससे सिर्फ बैटरी को चार्ज किया जाता है जब तक आप की मेन सप्लाई ON रहती है तब तक आपके इनवर्टर की बैटरी चार्ज होती रहती है और आपका इनवर्टर MAIN को Bypass करके सीधा आउटपुट पर देता है. जिससे कि इनवर्टर का DC to AC कनवर्टर काम नहीं कर सकता. और जैसे ही आप के इनवर्टर की MAIN बंद होती है वह बैटरी से पावर लेता है और उसे DC To AC कन्वर्ट करता है इसीलिए जब आपके घर की पावर सप्लाई बंद होती है तो इन्वर्टर हल्का झटका देता है इसीलिए हम इसे कंप्यूटर पर इस्तेमाल नहीं कर सकते क्योंकि एक हल्का झटका ही हमारे कंप्यूटर को बंद कर सकता है और हमारी विंडो को करप्ट (Corrupt ) कर सकता है.

Time Lag

तो जैसा कि ऊपर आपको बताया यूपीएस जब काम करता है तो वह बैटरी की पावर पर ही काम करता है. इसका मतलब जब यूपीएस की सप्लाई ऑन होगी या फिर वह होगी उससे यूपीएस के आउटपुट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जिससे कि यूपीएस में किसी प्रकार का कोई भी Time Lag या समय अंतराल नहीं होता.

लेकिन इनवर्टर में लगभग 500 milliseconds का समय अंतराल होता है. इसीलिए हमें जब मेन सप्लाई बंद होती है या शुरू होती है तो हमें पता चलता है कि कब मेन सप्लाई बंद हो गई और कब मेन सप्लाई शुरू हो गई .

Use

यूपीएस का इस्तेमाल सीधे उपकरण के ऊपर किया जाता है किसी भी विशेष उपकरण को यूपीएस की जरूरत पड़ती है जैसे कि कंप्यूटर प्रिंटर या स्कैनर.

लेकिन इनवर्टर का इस्तेमाल हम पूरी घर के मेन सप्लाई के साथ में ही स्विच बोर्ड पर करते हैं.

कीमत

वैसे तो यूपीएस आपको मार्केट में 1500 रुपए में मिल जाता है और इनवर्टर आप को कम से कम 8-10 हजार रुपए में मिलता है. लेकिन अगर आप इसके पावर बैकअप और रेटिंग की बात करेंगे तो इस मामले में UPS बहुत महंगा होता है. यूपीएस इसके machinery or circuit के कारण महंगा होता है.

Voltage:

यूपीएस में automatic voltage regulation (AVR) का इस्तेमाल किया जाता है इसीलिए इसकी आउटपुट लगभग 220 volts पर सेट की जाती है.
लेकिन इनवर्टर में आउटपुट इनपुट के ऊपर निर्भर करेगी जो कि लगभग 230 volts के करीब होगी .

तो यह कुछ खास अंतर थे जो कि एक यूपीएस और इन्वर्टर को एक दूसरे से अलग करते हैं. अगर इसके अलावा इनमें कोई और अंतर है जो हमने यहां पर नहीं बताया तो आप नीचे कमेंट करके जरूर बताएं ताकि दूसरों को भी इसके बारे में पता चल सके तो इस पोस्ट में आपको  के बारे में पूरी जानकारी दी गई है अगर यह जानकारी आपको पसंद आए तो शेयर करें.

31 thoughts on “UPS और Inverter में क्या अंतर है”

    1. Prakash Manohar Agham

      सीरीज मैं करंट मीटर लगाने से मालूम पड़ेगा की बैटरी फुल चार्ज हुई है या नही बैटरी जैसे जैसे चार्ज होगी वैसे वैसे करंट मर्यादा कम होने लगेगी अगर आपके पास करंट मीटर नही तो चार्जर के सीरीज मैं बल्ब जोड़े बैटरी चार्ज होने पर उसकी फिलामेंट धीमी जलेगी समझ सकते हो कि बैटरी चार्ज हो गई है

  1. राज वैष्णव

    क्या हम UPS में इनवर्टर की बैटरी लगा सकते हैं अगर जवाब हां है तो उसका बैकअप क्या होगा

  2. राज वैष्णव

    क्या हम UPS में इनवर्टर की बैटरी लगा सकते हैं अगर जवाब हां है तो उसका बैकअप क्या होगा

      1. मेरे पास यूपीएस cfl सिस्टम वाली लाइट है क्या लाइट जाने पर उससे computer चला सकते है।

        1. Prakash Manohar Agham

          नही चला सकते हैं कम्प्यूटर को चलने के लिए करंट मर्यादा 80 AMP 220 VOLT 50 Hz फ्रीक्वेंसी होना जरूरी है,

    1. Prakash Manohar Agham

      बॅटरी लगा ने पहले आपको पता करना होगा की UPS का सर्किट कितने करंट सहन कर सकता है आप UPS के करंट मर्यादा बढ़ाने बाद सर्किट बेकार हो सकता है इनवर्टर और UPS की बैटरी में कोई जाड़ा फर्क नहीं होता है सिर्फ करंट रेंज का फर्क होगा जाड़ा तर हर बैटरी 12 वोल्ट DC रहती हैं लेकिन उनके करंट मर्यादा जाड़ा कम होती हैं

  3. Nandlal Kushwaha

    बैटरी को 0% से 100% की चार्जिग रेटिंग (A) क्या होगा।(150Ah) बैट्री है।
    बैट्री चार्ज होगी जबतक पावर है, 0% हो या 100% । हमे कैसे मालूम होगा कितनी चार्ज है।
    फुल चार्ज होने पर पावर वाईपास और चार्जिग बन्द हो जाय?
    ग्रेवीटी का उपयोग ना करे।

    1. Prakash Manohar Agham

      सीरीज मैं करंट मीटर लगाने से मालूम पड़ेगा की बैटरी फुल चार्ज हुई है या नही बैटरी जैसे जैसे चार्ज होगी वैसे वैसे करंट मर्यादा कम होने लगेगी अगर आपके पास करंट मीटर नही तो चार्जर के सीरीज मैं बल्ब जोड़े बैटरी चार्ज होने पर उसकी फिलामेंट धीमी जलेगी समझ सकते हो कि

  4. Nandlal Kushwaha

    बैटरी को 0% से 100% की चार्जिग रेटिंग (A) क्या होगा।(150Ah) बैट्री है।
    बैट्री चार्ज होगी जबतक पावर है, 0% हो या 100% । हमे कैसे मालूम होगा कितनी चार्ज है।
    फुल चार्ज होने पर पावर वाईपास और चार्जिग बन्द हो जाय?
    ग्रेवीटी का उपयोग ना करे।

  5. भिमसिंघ

    240 volt,6 Ampere AC supply को बिना Transformer के DC मे कैसे परिवर्तीत कीया जाता है,कृपया बताये |

  6. भिमसिंघ

    240 volt,6 Ampere AC supply को बिना Transformer के DC मे कैसे परिवर्तीत कीया जाता है,कृपया बताये |

  7. rakesh pashwal

    भिमसिंघ जी, AC को DC में बदलने के लिए transformer का प्रयोग नही किया जाता है. इसके लिए circuit में diode द्वारा rectifier बनाया जाता है.

  8. rakesh pashwal

    भिमसिंघ जी, AC को DC में बदलने के लिए transformer का प्रयोग नही किया जाता है. इसके लिए circuit में diode द्वारा rectifier बनाया जाता है.

    1. Prakash Manohar Agham

      UTL GAMMA+। 1Kv 12 volt का UPS खरीदे जो 6 घंटा बैकअप देगा

  9. Ups ka Betry charge hone ke bad char balf aur ek pankhakitna samay tak chall sakta hai bijli jane ke baad

  10. Ups ka Betry charge hone ke bad char balf aur ek pankhakitna samay tak chall sakta hai bijli jane ke baad

    1. Prakash Manohar Agham

      UPS की बैटरी की ताकद पर निर्भर करता है ओ कितना बैकअप दे सकती हैं

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